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भाग्यशाली हैं स्वतंत्र भारत में जन्में लोग: पूर्व मंत्री मिश्र

जगत ठाडा मगर
२०७८ साउन ३१ | मध्यान्ह ०३:०४ बजे

कृष्णनगर । भारत को 15 अगस्त, 1947 को ब्रिटिश शासनसे स्वतंत्रता मिली। आजादी से पहले भारत एक ब्रिटिश उपनिवेश था और उस अवधि के दौरान भारत के लोगों ने बहुत कुछ सहा है और अपने प्राणों की आहुति दी है।

स्वतंत्रता के बाद जन्म लेने वाले लोगों को गर्व महसूस करना चाहिए क्योंकि वे स्वतंत्र भारत में जन्म लेने के लिए भाग्यशाली हैं।दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी भारत के अलावा दक्षिण कोरिया, बहरीन, कांगो और लिकटेंस्‍टीन में भी स्‍वतंत्रता दिवस 15 अगस्‍त के दिन मनाया जाता है। ब्रिटेन के ही उपनिवेश रहे बहरीन को 15 अगस्‍त 1971 को आजादी मिली थी. दक्षिण कोरिया ने जापान से 15 अगस्त, 1945 को आजादी पाई थी।

इसके अलावा कांगो ने 15 अगस्त 1960 को फ्रांस से और लिकटेंस्टीन ने 15 अगस्त 1866 को जर्मनी से आजादी हासिल की थी। नेपाल सरकार के पूर्व मंत्री एवं नेपाल भारत अवध मैत्री समाज के अध्यक्ष ईश्वर दयाल मिश्र(बिरेंद्र मिश्र) ने बताए कि स्वतंत्रता दिवस केवल एक दिन विशेष नहीं बल्कि, देश के उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति हमारे सम्मानको प्रदर्शित करनेका जरिया भी है जिन्होंने देशको आजाद कराने के लिए अपना सर्वस्व त्याग दिया था l

ये दिन राष्ट्र के प्रति अपनी एकजुटता और निष्ठा दिखने का दिन भी हैl साथ ही ये पावन अवसर युवा पीढ़ी को राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरित करता हैl राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने और देशभक्ति का महत्व समझने के लिए ये स्वतंत्रता दिवस बेहद महत्वपूर्ण है । उनहोंने समस्त भारत वासियों को 75 वें स्वतंत्रता दिवस की अनंत शुभकामनाएं भि दि l

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